सुबह ऑंखें खुली , तेरा चेहरा नज़र आया |
चाय की प्याली के साथ , तेरी मुस्कराहट महसूस हुई|
पूरा दिन कामों में बिता , पर हर वक़्त तेरी यादें साथ रही|
शाम दोस्तों के साथ गुजर गई , पर तेरे अल्हड़पन में दिल खोया रहा |
रात हो गई , आँखें नींद से बोझिल होने लगी |
सपनों कि दुनिया , बाहें फैला कर बुलाने लगी |
पर वहां भी तेरी मौजूदगी का एहसास ,
पलकों तले चाँद की चांदनी की तरह मेरे साथ रहा ||
Its vry good but seems incomplete... Complete this.....
ReplyDeleteye to subah se rat ho hi gai.... MAINE TO COMPLETE LIKHA THA . but i will try to add something........by d way thanx........
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