Monday, January 10, 2011

vishwas

जाने कैसा है ये वक़्त ...........
पथ प्रदर्शक साथ छोड़ गए , वादे करने वाले वादे तोड़ गए ,
मलहम लगाने वाले जख्म दे गए ,प्यार करने वाले नफरत करने लगे ,
उससे भी कहीं ज्यादा - दोस्त दुश्मन लगने लगे ||

रात की तन्हाइयों में , याद आता है वो वक़्त --
जब पास रहने वाले हर कोई होते थे हमारे ,
वो चले गए छोड़ मुझे , परायों के सहारे ;
फिर भी हम न हारेंगे  , जीतेंगे जंग उनके यादों के सहारे ||

ये वक़्त , वो वक़्त , जो भी हो आएगा वो वक़्त भी कभी  , क्यूंकि -
एक आस अभी भी जिन्दा है दिल में , याद आएगी उन्हें एक दिन हमारी ;
जब होंगे हम अपनी मंजिलों पर , दुनिया देखेगी मुहब्बत हमारी ;
मुहब्बत हमारी ......मुहब्बत हमारी..... इंतजार मुझे उस वक़्त का...||

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BHAGALPUR / Ranchi, Bihar / Jharkhand, India
Presently a student. just trying to put up my thoughts/ sharing my thoughts to u people through this blog